भोपाल। स्कोप ग्लोबल स्किल्स यूनिवर्सिटी के विज्ञान संकाय में विश्व पर्यावरण दिवस बड़े उत्साह और जागरूकता के साथ एक सप्ताह तक मनाया जा रहा है।यह कार्यक्रम मध्य प्रदेश विज्ञान और प्रौद्योगिकी परिषद भोपाल के द्वारा प्रयोजित है। कार्यक्रम की शुरुआत पौधारोपण से हुई, जिसमें विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ. सीतेश सिन्हा, विज्ञान संकाय के डीन डॉ. सत्येंद्र खरे एवं समस्त विभागों के डीन, विभागाध्यक्ष, शिक्षक एवं छात्र उपस्थित थे। प्रथम दिवस इस कार्यक्रम में युवा विद्यार्थियों ने विभिन्न गतिविधियों में भागीदारी दी, जिसमें पेपर एवं पोस्टर प्रस्तुतिकरण, छात्राओं और छात्रों के बीच पर्यावरण पर भाषण प्रतियोगिता भी आयोजित की गई।जिसके निर्णायक डॉ. नितिन मोड़ डीन, वाणिज्य विभाग एवं डॉ. संजु शर्मा एचओडी, शिक्षा विभाग उन्होंने छात्रों को पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रोत्साहित किया।
इसके पश्चात द्वितीय दिवस विशेषज्ञ व्याख्यानआयोजित किए गए, जिनमें विशेषज्ञ वक्ता एवं मुख्य अतिथि डॉ. लोकेंद्र ठक्कर, ऑफिसर इंचार्ज, मध्यप्रदेश शासन, वेटलैंड प्राधिकरण (EPCO), भोपाल तथा डॉ.विपिन व्यास, प्रोफेसर एवं अध्यक्ष, प्राणी शास्त्र तथा अनुप्रयुक्त जल कृषि विभाग, बरकतुल्लाह विश्वविद्यालय, भोपाल थे। उन्होंने नदियों को स्वस्थ रखने के तरीकों तथा नदियों के पारिस्थितिकी तंत्र को समझाने के लिए विभिन्न प्रकार के प्रयोगों के बारे में बताया तथा नैनोप्लास्टिक जल और भोजन के माध्यम से शरीर में प्रवेश कर मस्तिष्क तक पहुँच रही है, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है अतः हमें अपनी लाइफस्टाइल बदलनी होगी ऐसा लोकेन्द्र ठक्कर ने कहा। इसके पूर्व कार्यक्रम के आरंभ में विज्ञान संकाय के डीन डॉ. सत्येंद्र खरे ने अतिथियों का स्वागत करते हुए उन्हीं के द्वारा निर्मित पृथ्वी पर प्लास्टिक के दुष्प्रभावों पर एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म दिखाई गई, जिसमें प्लास्टिक के कारण पृथ्वी को होने वाले नुकसान को दर्शाया गया। प्रोफेसर डीन अकादमिक वी. के. गुप्ता ने कृषि भूमि की घटती गुणवत्ता पर चिंता व्यक्त की। समस्त कार्यक्रम में डॉ. विजय सिंह, कुलगुरु, एसजीएसयू तथा रजिस्ट्रार डॉ. सितेश सिन्हा एसजीएसयू उपस्थित रहे और छात्रों को प्रोत्साहित करते हुए पुरस्कार वितरण किया।कार्यक्रम के अंत में समन्वयक डॉ. ज्योत्सना मिश्रा ने आभार व्यक्त किया एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए छात्रों से संकल्प लिया। कार्यक्रम का संचालन विशाखाराजूरकर राव द्वारा किया गया। तृतीय दिवस (7 जून) को छात्रों ने पर्यावरण विषयक कविता पाठ, स्लोगन लेखन और गीत प्रस्तुत किए। साथ ही परिसर की सफाई एवं स्वच्छता अभियान भी चलाया गया।










