हॉस्पिटैलिटी स्किल्स क्लब द्वारा “ग्लेज़्ड वेजिटेबल्स” पर मास्टर क्लास का आयोजन

भोपाल। स्कोप ग्लोबल स्किल्स यूनिवर्सिटी, भोपाल के स्कूल ऑफ टूरिज़्म एंड हॉस्पिटैलिटी के हॉस्पिटैलिटी स्किल्स क्लब द्वारा मंगलवार को “ग्लेज्ड वेजिटेबल्स” पर एक विशेष कुलिनरी मास्टरक्लास का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में विद्यार्थियों और शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और व्यावसायिक स्तर की कुकिंग तकनीकों के बारे में गहन जानकारी प्राप्त की। यह कार्यशाला विश्वविद्यालय परिसर स्थित कॉमर्स भवन के सेमिनार हॉल में संपन्न हुई, जिसमें 24 छात्र और 4 फैकल्टी सदस्य उपस्थित रहे। कार्यशाला का संचालन स्कूल ऑफ टूरिज़्म एंड हॉस्पिटैलिटी के सहायक प्राध्यापक और वरिष्ठ शेफ हेमंत कुमार यादव ने किया, जिनका इस क्षेत्र में गहन अनुभव है।

कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों को ग्लेज़िंग तकनीकों की मूल बातें सिखाई गईं, जिनमें सब्ज़ियों की रंगत, बनावट और स्वाद को बेहतर बनाकर उनके प्रेजेंटेशन को आकर्षक बनाने के तरीके शामिल थे। शेफ हेमंत यादव ने न केवल टेक्निकल प्रेजेंटेशन दी बल्कि लाइव डेमो के माध्यम से विभिन्न ग्लेज़िंग विधियों को व्यावहारिक रूप में प्रदर्शित भी किया। इसके पश्चात छात्रों ने अपने-अपने व्यंजन तैयार कर शेफ के मार्गदर्शन में प्रायोगिक अभ्यास किया। अंत में सभी प्रतिभागियों ने तैयार की गई डिश का स्वाद लेकर उसके स्वाद, बनावट और पोषण तत्वों का मूल्यांकन किया। कार्यक्रम का समापन एक संवादात्मक सत्र के साथ हुआ, जिसमें छात्रों ने प्रश्न पूछे और शेफ से इंडस्ट्री से जुड़े अनुभवों को साझा करने का अनुरोध किया।

कार्यशाला की सफलता पर विश्वविद्यालय के चांसलर डॉ. सिद्धार्थ चतुर्वेदी ने कहा कि हमारा उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान देना नहीं है, बल्कि छात्रों को व्यावसायिक दक्षताओं से भी लैस करना है, जिससे वे रोजगार योग्य बन सकें। इस प्रकार की कार्यशालाएं छात्रों के कौशल विकास में अत्यंत सहायक सिद्ध होती हैं।

कुलगुरू डॉ. विजय सिंह ने कहा कि यह कार्यशाला छात्रों को इंडस्ट्री-रेडी बनाने की दिशा में एक सकारात्मक पहल है और हमें प्रसन्नता है कि हमारे शिक्षक और छात्र इस तरह की अभिनव शिक्षण प्रक्रियाओं में भाग ले रहे हैं।

कुलसचिव डॉ. सितेश कुमार सिन्हा ने भी इस आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम छात्रों में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और टीम वर्क को निखारने का कार्य करते हैं, जो आज की प्रतिस्पर्धी दुनिया में अत्यंत आवश्यक है। इस कार्यशाला ने न केवल छात्रों के पाक कौशल को बढ़ाया बल्कि उन्हें होटल उद्योग में प्रयोग होने वाली आधुनिक तकनीकों और मानकों से भी अवगत कराया।कार्यक्रम के समन्वयक विभागाध्यक्ष प्रो. लोचन नागर रहे, जिनके मार्गदर्शन में कार्यशाला को संपन्न किया गया।

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