परिवार के तनावपूर्ण संबंधों के कारण अपनी दोस्ती को प्रभावित नहीं होने देती है तोरा
भोपाल। बाल कलाकारों की सुपरहित और चर्चित फिल्मों पर केन्द्रित बाल फिल्म समारोह में सोमवार को फिल्म तोरा का प्रदर्शन हुआ। वर्ष 2004 में रिलीज हुई इस फिल्म का निर्देशन जान्हु बरुआ ने किया। छवि प्रभाग की ओर से संयोजित इस फिल्म में बाल कलाकारों ने अपने दमदार अभिनय, हास्य भरे संवादों से न सिर्फ दर्शकों का मनोरंजन किया बल्कि दर्शकों को अंत तक बांधे रखने में सफलता भी प्राप्त की। तोरा असमिया भाषा की बच्चों की फिल्म है फिल्म का निर्माण चिल्ड्रन्स फिल्म सोसाइटी ने किया। फिल्म में मृगाक्षी, अनुप हजारिका, इंद्राणी चेतिया, प्रतिभा चौधरी, अतुल पसोनी, दीना बैश्य, अबतोष भुइयां, सुकन्या खरघोरिया, अरुण हजारिका मुख्य किरदार में दिखाई दिये। फिल्म का मुख्य विषय एक मानव बच्चे और बछड़े के बीच का प्यारा बंधन है, लेकिन भूमि और सीमाओं को लेकर मानवीय संघर्ष की सहायक कहानी असम के संघर्ष से भरे इतिहास का संकेत दे सकती है। फ़िल्म असम के एक गांव में रहने वाले दो पड़ोसी परिवारों पर आधारित है। दोनों परिवारों के बीच बहुत ही सौहार्दपूर्ण रिश्ता है। तोरा, मुख्य पात्र सात साल की लड़की है, जिसके माता-पिता पूर्णा और जोनाकी हैं। नाबा और दबा दूसरे परिवार के दो भाई हैं, जिनकी मां बीमार है और बिस्तर पर ही रहती है।










